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ताबड़तोड़ तबादलों से चकरा गई अफसरशाही, तीस दिनों में बदल डाले इतने अफसर

Sat, 27 Jan 2018 10:35 AM IST
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
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सूबे की नई सरकार को वजूद में आए महीना भर हुआ है। सत्ता का परिवर्तन तो हुआ है, साथ ही अफसरशाही की बिसात भी पूरी तरह से बदल गई है। जयराम सरकार ने एक महीने के भीतर 205 अफसरों के अलावा सचिवालय और अन्य विभागों में सवा तीन सौ कर्मचारियों के अमले को इधर से 

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उधर कर दिया है। ओहदों और जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर सरकार की मंशा का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हिमाचल में एक ही दिन में 104 अफसरों के तबादलों का आदेश भी जारी किया गया। 

मजेदार बात है कि यह सिलसिला अब भी जारी है। सरकार ने एक महीने के कार्यकाल में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, डीसी से लेकर एसडीएम तक की सरकारी मशीनरी को अपनी जगह से हिला दिया है। 
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ताबड़तोड़ तबादलों से आलम ऐसा हो गया है कि सरकारी योजनाओं पर काम की बजाय तबादलों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वर्तमान में सेवारत अफसर तो अफसर, सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और एचएएस अफसर भी नए निजाम के इन तेवरों से संतुष्ट नहीं हैं। 

इन विभागों के अधिकारी बदले

अब तक हुए 500 तबादलों में 205 आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, एचएएस के अलावा  विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। सचिवालय ब्रांचों में 70 कर्मचारियों और अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।

लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, वन, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा सहित अन्य विभागों में अब ढाई सौ के करीब अधिकारी व कर्मचारियों को ताश के पत्तों की तरह फेंटा गया है। इतने बड़े पैमाने पर तबादलों में जमकर राजनीतिक सिफारिशें चलने के आरोप भी लग रहे हैं।

राजनीतिक दखल की वजह से कई अधिकारियों के तबादले निरस्त कर उन्हें मनचाहे स्टेशन देने के लिए तबादला सूची में संशोधन हुआ। धड़ाधड़ तबादलों पर पूर्व आईएएस अधिकारी कंवर शमशेर सिंह का मानना है कि सरकार बदलने के साथ अफसरों के तबादले भी होते रहे हैं। लेकिन बड़ी बात अफसरों से काम लेना है जिस पर ज्यादा ध्यान होना चाहिए। 
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अब तक 150 डीओ नोट जारी

नाती वाले विभागों पर अफसरों की पकड़ है या नहीं इस पर फोकस होना चाहिए।पूर्व आईपीएस अधिकारी आईडी भंडारी कहते हैं, ‘सरकार की अफसरशाही पर पकड़ होनी चाहिए। अधिकारियों की आपसी रंजिश के चलते अफसरों को बदलना ठीक नहीं है, इसका विकास कार्यों पर असर पड़ता है।

अफसर की रुचि और कार्यक्षमता देखकर ही तबादले होने चाहिए।’ मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय से 150 डीओ नोट जारी हो गए हैं। इनमें अधिकांश डीओ लेटर वेबसाइट पर अपलोड हो चुके हैं। साइट पर डीओ नोट का पता करने के लिए मंत्री कार्यालय में कोड नंबर दिए गए हैं। 
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