फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: नए जिले बनाने पर बड़ा अपडेट, आयोग के अध्यक्ष और सदस्य ने की ज्वाइनिंग; अब इन पहलुओं पर होगा मंथन

Sun, 18 Oct 2026 09:46 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में नए जिलों और प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर गठित आयोग ने काम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। आयोग अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी और सदस्य अधिवक्ता विशाल पंवार ने मुख्य सचिव केके पंत के समक्ष ज्वाइनिंग दी है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : एआई।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में नए जिलों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए गठित आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी और सदस्य अधिवक्ता विशाल पंवार ने शनिवार को मुख्य सचिव केके पंत के समक्ष राज्य सचिवालय में उनके कार्यालय में ज्वाइनिंग दी।

विज्ञापन


आयोग अब प्रदेश में मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। जल्दी ही आयोग को कार्यालय भी दिया जाएगा। एक अन्य सदस्य राजेश शर्मा ने अभी ज्वाइनिंग नहीं दी है। प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए चार सदस्यीय आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की है। आयोग को छह महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। आयोग की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी कर रहे हैं। अधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी राजेश शर्मा आयोग के सदस्य हैं, जबकि भूमि अभिलेख विभाग के निदेशक को सदस्य सचिव बनाया गया है।

Trending Videos
विज्ञापन

आयोग प्रदेश में मौजूदा जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उपतहसीलों और विकास खंडों की व्यवस्था की समीक्षा करेगा। इसमें जरूरत के अनुसार नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने, मौजूदा इकाइयों का विलय करने, विभाजन करने या उनके पुनर्गठन की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके लिए जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, लोगों की सरकारी कार्यालयों तक पहुंच और प्रशासनिक दक्षता जैसे पहलुओं को आधार बनाया जाएगा। आयोग जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और अन्य पक्षों से सुझाव भी लेगा। 

इसके अलावा नई प्रशासनिक इकाइयां गठित करने पर भवनों, कार्यालयों, कर्मचारियों और बुनियादी सुविधाओं पर आने वाले खर्च का आकलन किया जाएगा। आयोग को देखना होगा कि प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें