फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुक्खू फिर दिल्ली रवाना, हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार पर जल्द हो सकता है फैसला

Sun, 18 Oct 2026 09:27 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दोबारा दिल्ली पहुंचने से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के भी दिल्ली जाने से हाईकमान के साथ संभावित बैठक अहम मानी जा रही है।

विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को फिर दिल्ली रवाना हो गए। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार पर जल्द फैसला हो सकता है। कुल्लू के कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर भी उनके साथ दिल्ली गए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी हाईकमान के बुलावे पर नई दिल्ली रवाना हुए हैं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

विज्ञापन


कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह को मंत्री बनाने की कवायद के बीच अब उन्हें दशहरे पर मंत्रिमंडल में जगह मिलने की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पहले ही विधानसभा में सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल करने का एलान कर चुके हैं। इसके बावजूद जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते उनकी ताजपोशी का फैसला आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

तीनों नेताओं की पार्टी हाईकमान के साथ मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और खाली चल रहे मंत्री पद को लेकर फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस साल फरवरी में विधानसभा में सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात कही थी। इसके बाद वह कई मंचों से भी इस बात को दोहरा चुके हैं। तभी से उनके मंत्री बनने की चर्चाएं चल रही हैं। सुंदर सिंह ठाकुर कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह प्रदेश सरकार में मुख्य संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के पक्ष में कुल्लू जिले को प्रतिनिधित्व देने का तर्क दिया जा रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

क्षेत्रीय और जातीय समीकरण पर फंसा पेच
सुंदर सिंह ठाकुर की राह में सबसे बड़ी चुनौती मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर है। मंत्रिमंडल में राजपूत समुदाय के प्रतिनिधित्व को देखते हुए सुंदर सिंह ठाकुर को शामिल करने पर पेच फंसा है। पार्टी के भीतर अन्य सामाजिक वर्गों को भी प्रतिनिधित्व देने की पैरवी हो रही है। मंडी संसदीय क्षेत्र और कुल्लू जिले को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का तर्क भी दिया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें