सार
हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन का फैसला भौगोलिक परिस्थितियों और आबादी के आकलन के आधार पर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि आयोग ब्लॉक, तहसीलों और जिलों की समीक्षा करेगा। मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर पार्टी हाईकमान से चर्चा के बाद फैसला होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियों और आबादी के आधार पर नए जिले बनाने का फैसला लिया जाएगा। गठित आयोग सभी ब्लॉक, तहसीलों और जिलों का आकलन करेगा। जहां पुनर्गठन की जरूरत होगी, वहां निर्णय लेंगे।
रविवार को राज्य सचिवालय परिसर में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा इस फैसले को चुनौतीपूर्ण बता रही है लेकिन सरकार चुनौतियों का सामना करने का साहस रखती है। आयोग के दो सदस्यों ने एक दिन पहले कार्यभार संभाल लिया है। दो कार्यालय खाली पड़े हैं। इनमें से एक कार्यालय में बैठने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे काम आगे बढ़ सके। जरूरत के अनुसार जिलों के साथ तहसीलों, एसडीएम कार्यालयों और ब्लॉकों के पुनर्गठन पर भी विचार करेंगे।
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर सीएम ने कहा कि सरकार के अभी तीन साल, दस महीने और सात दिन पूरे हुए हैं। चार साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल करना है। इस संबंध में पार्टी हाईकमान से चर्चा कर फैसला लिया जाएगा।
एसआईआर के विरोध में दिल्ली में होगी बड़ी रैली
सीएम सुक्खू ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली होने जा रही है। इसके लिए उन्हें और विधानसभा अध्यक्ष विनय कुमार को दिल्ली बुलाया गया है। वर्ष 2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और एसआईआर का असर सभी जगह पड़ सकता है। किसी विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन हजार मतदाताओं के नाम कटते हैं तो इससे परिणाम पर फर्क पड़ सकता है।