योजना विभाग की ओर से प्री बजट बैठक का कार्यक्रम सभी विधायकों को भेजा गया है। सरकार का पहला बजट मार्च माह में आ सकता है, जिसके लिए होमवर्क शुरू हो चुका है। बजट में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं का खाका खींचा जा रहा है।
योजना विभाग ने विधायकों के लिए प्रारूप तय कर दिया है, जिसको चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। सड़कें एवं पुल, लघु सिंचाई और ग्रामीण पेयजल स्कीम पर सरकार का फोकस रहेगा। हर विधायक को प्रत्येक श्रेणी में दो नई स्कीमों के साथ दो चालू स्कीमों का प्रस्ताव देना है।
नई स्कीमों के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार भुगतान नहीं करेगी। विधायकों को खुद यह सुनिश्चित करना होगा कि निजी भूमि भू स्वामी अपनी स्वेच्छा से सरकार को दें।
सरकार विधायकों से दो नए स्कूलों और अस्पतालों पर प्रस्ताव मांग रही है, लेकिन इसी के साथ क्षेत्र में पहले खुले स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बतानी होगी। इसी के साथ दो नए भवनों का प्रस्ताव भी विधायक कर सकते हैं।
सरकार ने विधायकों से खर्च घटाने के उपाय, वित्तीय संसाधन जुटाने, बेहतर प्रशासन और स्वरोजगार के साथ किसी भी विकास क्षेत्र में नई नीति पर सुझाव मांगे हैं। सभी विधायक इन बिंदुओं पर सरकार को अपनी राय देंगे।
8 और 9 फरवरी को होंगी बैठकें
मुख्यमंत्री के साथ सचिवालय में 8 फरवरी को सोलन, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर के विधायक और 9 जनवरी को कांगड़ा, लाहौल, किन्नौर, चंबा ऊना और हमीरपुर के विधायकों की विधानसभा क्षेत्र की विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं बजट में शामिल करने के लिए बैठकें होंगी।