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हिमाचल: स्कूलों में पहली कक्षा से शुरू होगा नैतिक विज्ञान विषय, सीएम सुक्खू ने बैठक में दिए निर्देश

Wed, 21 Oct 2026 05:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिया कि बच्चों में कम उम्र से ही नैतिक मूल्य, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए पहली कक्षा से नैतिक विज्ञान विषय को शामिल किया जाए।
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शिक्षा विभाग की बैठक में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों में कम उम्र से ही नैतिक मूल्य, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए पहली कक्षा से नैतिक विज्ञान विषय को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का ध्यान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र-निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी होना चाहिए। बैठक के दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम को लागू करने की समीक्षा की। उन्होंने योग्य शिक्षकों, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों और पढ़ाई के लिए एक अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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सीबीएसई स्कूलों के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
उन्होंने सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 जूनियर बेसिक टीचर पदों पर भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया में तेजी लाने, तथा 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग से कहा कि इन संस्थानों का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए कर्मचारियों की जरूरतों को एक सुनियोजित तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रियल स्टाफ (लिपिक वर्गीय कर्मचारी) और चतुर्थ श्रेणी  कर्मचारियों की आवश्यकताओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कर्मचारियों की जरूरतों का आकलन करें और तय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें।

नई योजना आधारित भर्ती के तहत 3,900 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण पदों को भरा जाएगा
इसके अलावा, उन्होंने शिक्षा से जुड़ी प्रमुख पहलों की समीक्षा की, जिसमें नई योजना-आधारित भर्ती के तहत 3,900 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण पदों को भरना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, और प्रभावी निगरानी व जवाबदेही के जरिए लिए गए फैसलों को समय पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में शिक्षा सचिव डॉ. यूनुस, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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प्रदेश सरकार दृष्टिबाधितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित: धनी राम शांडिल
स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में बुधवार को ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के साथ दृष्टिबाधितों के अधिकारों, शिक्षा, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण आदि महत्त्वपूर्ण मद्दों पर चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित पदों को भरना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार आदि क्षेत्रों में दृष्टिबाधितों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष योजनाएं, कार्यक्रम तथा नवीन पहल कर रहे हैं जिन्हें प्रदेश सरकार के सहारे और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संवेदनशील वर्गों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाए। बैठक के दौरान दृष्टिबाधित संघ एवं महासंघ द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की गई तथा उनकी जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में मुख्य सचिव केके पंत, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सीपी वर्मा, सचिव शहरी विकास अमरजीत सिंह, निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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