हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है, लेकिन मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले। राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में दिनभर धूप खिली रही, जबकि धर्मशाला, पालमपुर और चिंतपूर्णी में दोपहर बाद अचानक बारिश हुई। बारिश के बाद इन क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से कुछ राहत मिली।
वहीं, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू और मंडी में दिनभर मौसम शुष्क रहा। तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। बुधवार शाम तक प्रदेश में 64 सड़कें आवाजाही के लिए बंद रहीं। हालांकि, जिन क्षेत्रों में बारिश हुई, वहां बिजली, पेयजल और सड़क नेटवर्क को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं रही।
धर्मशाला और पालमपुर में अचानक बरसे बादल
कांगड़ा जिले में बुधवार सुबह मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली। दोपहर तक मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन शाम करीब चार बजे धर्मशाला और पालमपुर में अचानक बारिश शुरू हो गई। कुछ देर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। राहत की बात यह रही कि बारिश के कारण बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई तथा सड़क यातायात भी सामान्य रहा।
चिंतपूर्णी में भी हुई हल्की बारिश
ऊना जिले में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, जिले के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहा। दोपहर के समय बढ़ी उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चंबा, हमीरपुर, कुल्लू और मंडी में उमस ने किया परेशान
चंबा में बुधवार को तेज धूप ने लोगों को बेहाल किया। हमीरपुर में सुबह कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन इसके बाद मौसम साफ हो गया और दिनभर धूप खिली रही। जिले में पेयजल योजनाएं और यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही। कुल्लू और मंडी में भी बुधवार को मौसम शुष्क रहा। बारिश नहीं होने के कारण उमस बढ़ी रही और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पाई।
13 सितंबर से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मौसम में बड़ा बदलाव 13 सितंबर के आसपास देखने को मिल सकता है। विभाग ने 13 सितंबर से मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत दिए हैं। इसके बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मानसून के फिर सक्रिय होने से लंबे समय से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, प्रदेश में पहले से बंद सड़कों को देखते हुए बारिश बढ़ने पर भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।