आईजीएमसी शिमला में बीते दिनों शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और कृषि मंत्री राम लाल मारकंडा भी टेस्ट करवाने आए थे। हालांकि, दोनों को रिपोर्ट नहीं मिली है लेकिन उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव बताई है।
एहतियातन दवाई ले रहे हैं। सुरेश भारद्वाज ने बताया कि उनका सवाल लगा था इसलिए वे सत्र में गए थे। उन्होंने बताया कि स्पीकर को स्वाइन फ्लू के दौरान उन्हें भी इंजेक्शन लगे थे लेकिन इसका असर 22 दिन बाद होता है। अभी नौ दिन ही हुए थे। रामलाल मारकंडा ने कहा कि उन्होंने आईजीएमसी और चंडीगढ़ से उपचार लिया है।
स्वास्थ्य ठीक रहा तो शुक्रवार को सदन में उपस्थित रहूंगा। विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश भर से आए लोग अपनी समस्याएं लेकर मंत्रियों और क्षेत्र के विधायक से मिलने पहुंचते हैं। रोज सैकड़ों लोग विधानसभा पहुंचते हैं। स्वाइन फ्लू हाथ मिलाने और खांसने-छींकने से भी हो सकता है।
जिस तरह से बजट सत्र के बीच मंत्री और विधायक स्वाइन फ्लू की चपेट में आ रहे हैं, उससे विधानसभा सचिवालय का स्टाफ भी उहापोह की स्थिति में है। स्टाफ का स्वाइन फ्लू से बचाव करने के लिए सरकार क्या करने जा रही है?
इसके जवाब में हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने कहा है कि स्वाइन फ्लू को लेकर पहले से ही सभी को एडवाइजरी जारी कर रखी है कि जिनको स्वाइन फ्लू की आशंका है, वे इसके टेस्ट करवा लें। विधानसभा सचिवालय के स्टाफ को अलग से कोई निर्देश जारी नहीं दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री बोले, स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहें लोग
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। अस्पतालों में दवाइयां पर्याप्त मात्रा में है। अगर किसी को स्वाइन फ्लू का अंदेशा है तो वे अपने टेस्ट करवा सकते हैं। जहां तक दो मंत्रियों के स्वाइन फ्लू होने की बात कही जा रही है तो उसके बारे में पता किया जा रहा है।