सोलन नगर निगम में भाजपा ने 10 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यहां कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, जबकि एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा। सोलन में कांग्रेस को सत्ता बचाने की उम्मीद थी, लेकिन भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को प्रमुखता से उठाकर बढ़त बना ली। वहीं, पालमपुर नगर निगम कांग्रेस के लिए राहत लेकर आया। यहां कांग्रेस ने 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा को चार सीटों तक सीमित कर दिया। पालमपुर में कांग्रेस ने स्थानीय नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती के दम पर भाजपा को पीछे छोड़ा।
चारों नगर निगमों में सुबह नौ बजे से मतगणना शुरू हुई थी और दोपहर 12 बजे तक अधिकांश परिणाम स्पष्ट हो गए। प्रशासन ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। राजनीतिक दृष्टि से इन चुनाव परिणामों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मंडी को छोड़कर अन्य तीन नगर निगमों में पहले कांग्रेस का दबदबा माना जाता था। ऐसे में भाजपा की यह सफलता आने वाले चुनावों के लिए पार्टी के मनोबल को बढ़ाने वाली मानी जा रही है।