नगर निकाय चुनावों को लेकर जारी मतदाता सूची में मृतकों को वोटर बना दिया गया है, जबकि जीवित लोगों के ना सूचियों से गायब हैं। यह खुलासा चुनाव के लिए जारी नगर परिषद चंबा की मतदाता सूची में हुआ है। 31 दिसंबर को मिली सूची में जीवित लोगों के नाम न होने से चुनाव मैदान में कूदे प्रत्याशी भी हैरान रह गए हैं।
नगर निकाय चुनाव के लिए 31 दिसंबर को नामांकन वापस लेने के बाद मैदान में उतरे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी दे दिए गए हैं। अब मतदाता सूचियों में मृतकों को वोटर बनाने और जीवित लोगों के नाम न होने से चुनावी सरगर्मियां गड़बड़ा गई हैं।
राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष भूपिंद्र जसरोटिया ने कहा कि नप चंबा की अंतिम मतदाता सूची 31 दिसंबर को एसडीएम कार्यालय से उन्हें दी गई। इसे देखने पर पता चला कि बहुत से मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं।
कई मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने विस और लोस चुनाव में में मतदान किया है, लेकिन अब उनके नाम सूची से गायब हैं। डिन्नु राम, आहिल्या देवी की मौत चार से पांच वर्ष पहले हो चुकी है। इनके नाम मतदाता सूची में शामिल हैं।
वासु, विनायक, तनिष्क देवी, गुड़िया, नवदीप, प्रणव, पारुल के नाम अंतिम सूची से गायब हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि उन्हें वोट बनाने को दो दिन का समय दिया जाए या प्रशासन उन्हें आधार कार्ड से मतदान करने की अनुमति दे।
आयोग से इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। एसडीएम चंबा शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि मत बनाने की अंतिम तिथि 19 दिसंबर रखी गई थी। लिहाजा, अब वोट नहीं बन सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने बताया कि मतदाता सूचियों में गलतियां हो सकती हैं। इसके लिए लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। मतदाता सूचियां लोगों से पूछताछ कर ही बनाई जाती हैं।