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हिमाचल में लैंडस्लाइड: यात्रियों से भरी बसें मलबे में दफन, 48 पहुंची मरने वालों की संख्या

Mon, 14 Aug 2017 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटरोपी/पधर (मंडी)
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पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे 154 पर जोगिंद्रनगर से करीब 22 किमी दूर कोटरोपी में पहाड़ दरकने से आए भारी मलबे में सवारियों से भरी एचआरटीसी की दो बसें सड़क समेत मलबे में दफन हो गईं। सवारियों से भरी एक बस करीब एक किलोमीटर तक मलबे के साथ बह गई। बस के परखच्चे उड़ गए।
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मंडी जिला उपायुक्त संदीप कदम के मुताबिक अब तक मलबे से 48 शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें 23 की पहचान कर ली गई है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हुई है, अब उनका डीएनए कराया जाएगा। बता दें कि कई सवारियों अभी भी मलबे में दबी हुई हैं। भूस्खलन से हाईवे का दो सौ मीटर हिस्सा बह गया।

मलबे में दो बसें, दो कारें और करीब आधा दर्जन मोटरसाइकिलें दब गई हैं। सात घर और तीन दुकानें भी ध्वस्त हो गई हैं। गनीमत यह रही कि भूस्खलन की आशंका के चलते गांव पहले ही खाली करा लिया गया था।
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एक दर्जन वाहन मलबे में बह गए

हादसे की सूचना मिलते ही रात सवा दो बजे प्रशासन-पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह करीब नौ बजे से घटनास्थल पर आर्मी और एनडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

हादसे के शिकार हुए लोगों में हिमाचल के अलावा जम्मू कश्मीर, पंजाब सहित अन्य राज्यों के पर्यटक भी शामिल हैं। चंबा से मनाली की तरफ जा रही एचआरटीसी बस में 47 सवारियों के अलावा कंडक्टर-ड्राइवर थे।

जैसे ही बस कोटरोपी नालापुल पर पहुंची, तीन सौ मीटर ऊपर से पहाड़ी से भारी मलबा आ गया। चलती बस और हाईवे पर वीडियो बना रहे बाइक सवार फौजी समेत एक दर्जन वाहन मलबे में बह गए। मलबा पुल समेत वाहनों को करीब 500 मीटर दूर तक बहा ले गया। 

अभी कई शव मलबे में दबे

अभी तक बस के कुछ पार्ट्स ही मिले हैं। अन्य वाहन और शव मलबे में ही दबे हैं। इस हादसे के चंद मिनट बाद मनाली से कटड़ा जा रही परिवहन निगम की वोल्वो बस कोटरोपी पुल पर पहुंची। चूंकि मार्ग बंद था इसलिए बस चालक-परिचालक और कुछ सवारियां नीचे उतरकर देखने लगीं।

इतने में पहाड़ी से फिर मलबा आ गया और वोल्वो में बैठी 10-12 सवारियां दब गईं। इसमें तीन की जान चली गई जबकि आधा दर्जन घायल हैं। शनिवार रात दो बजे सड़क पर दबी मनाली-कटड़ा बस की सवारियों को निकाला गया। घायलों को पधर से मंडी अस्पताल रेफर किया गया। दो घायलों को आईजीएमसी शिमला रेफर किया है।

मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख देगी हिमाचल सरकार

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपना दौरा रद्द कर दोपहर करीब साढे़ तीन बजे घटनास्थल पर पहुंच गए। सीएम मृतकों के परिजनों से भी मिले।

उन्होंने मौके पर ही मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख जबकि परिवहन निगम की ओर से एक-एक लाख रुपये देने की घोषण की। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री जीएस बाली, ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा भी पहुंचे गए।

कब क्या क्या हुआ

12.30 बजे दरकी पहाड़ी
01.30 बचाव कार्य हुआ शुरू
02.15 बजे वोल्वो बस की निकाली सवारियां
03.00 बजे चंबा डिपो की बस की तलाश
06.00 बजे बस की लोकेशन हुई ट्रेस
09.25 बजे सेना व एनडीआरएफ ने संभाला मोरचा
2.35: बजे जेसीबी ने स्पॉट पर पहुंचकर शुरू किए शव निकालना
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हिमाचल भूस्खलन हादसे पर पीएम मोदी ने दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भूस्खलन में मारे गए व्यक्तियों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की। संवेदना संदेश में मोदी ने ट्वीट में लिखा, ‘हिमाचल के मंडी जिले में भूस्खलन हादसे में जानें जाने की खबर सुनकर दुख हुआ।

मेरी संवेदना मृतकों के परिजनों के साथ है। मैं प्रार्थना करता हूं कि हादसे में घायल व्यक्ति जल्द स्वस्थ हो जाएं।’ वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि सेना और एनडीआरएफ की टीम को राहत कार्यों के लिए मंडी भेज दिया गया और हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।
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