हिमाचल के मंडी जिले के कोटरोपी में पहाड़ी दरकने के बाद यहां पर तीन नालों का पानी जमा होने से पहाड़ी से महज 50 मीटर नीचे दो झीलें बन गई हैं। इन झीलों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कोटरोपी नाले की रेंज कोटरोपी, सराज बागला, रोपा गडवान तक है। यदि यहां पर फिर कुदरत ने कहर मचाया तो क्षेत्र के चार गांवों में तबाही मच सकती है।
बता दें हिमाचल के मंडी जिले में हुए लैंडस्लाइड हादसे में 48 लोगों की मौत हुई है। पहाड़ दरकने से यात्रियों से भरी दो बसें मलबे में दब गई थीं।
पहाड़ी से पानी रिस रहा है और अन्य दो नालों का पानी भी यहां पर जमा हो रहा है। हालांकि, प्रशासन ने इन गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है लेकिन इन गांव के बाशिंदों को यहां से शिफ्ट करने के लिए प्रशासन को कोई जगह नहीं मिल पाई है।
जहां पर यह पहाड़ी दरकी है, उससे काहिका उत्सव का आयोजन स्थल सटा है। बताया जा रहा है कि यहां पर भारी मात्रा में जलस्रोत हैं, जिससे यहां चार गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
घटना वाली रात सवा बारह बजे के करीब भी इन गांवों के साठ परिवारों ने जंगलों में रात बिताई थी। अब यहां पर पहाड़ी दकरने का खतरा बढ़ने से गांवों में खौफ है।
ग्रामीण बोले- अलर्ट तो किया पर ठिकाना नहीं दिया
भडवान गांव के वार्ड मेंबर नारायण सिंह, ज्ञान सिंह, भगत राम, लाल सिंह, परम सिंह, देवी राम, भादर सिंह, प्रकाश, शेष राम व अन्य परिवारों का कहना है कि प्रशासन ने अलर्ट तो जारी कर दिया लेकिन रहने को ठिकाना नहीं दिया।
घर में रहना अब खतरे से खाली नहीं है। उनके पास जंगल के सिवा रास्ता भी क्या बचा है। प्रशासन ने उन्हें कोई जगह नहीं सुझाई है।
जंगल जाना ही एकमात्र रास्ता
पंचायत प्रधान उरला रेखा देवी ने कहा कि इन गांवों में अलर्ट तो जारी कर दिया गया है लेकिन, ग्रामीण जाएं कहां। ग्रामीणों के पास जंगल जाने का ही रास्ता है।
प्रशासन ने इन गांवों के लोगों को शिफ्ट करने के लिए कोई जगह नहीं तलाशी है, जिससे इन्हें यहां से शिफ्ट करना मुश्किल है। लोगों को खतरा उठाकर यहां पर रहना पड़ रहा है।
पानी जमा होने पर किया अलर्ट: डीसी
डीसी मंडी संदीप शर्मा ने कहा कि कोटरोपी नाले में पानी जमा होने के चलते इन गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। कोटरोपी के तीन परिवारों को खुंड स्कूल और रवां गांव के सात परिवारों को अंबेडकर भवन और पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया है।