हिमाचल के जिला मंडी के कोटरोपी में भूस्खलन के बाद मलबे में यात्रियों से भरी दो बसों के दबने की सूचना के बाद सरकार एकाएक हरकत में आ गई और सर्च आपरेशन शुरू कर दिया। मौके पर एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशिक्षित लोगों बचाव कार्यों के लिए भेजा गया।
मलबे से निकाले गए कई शवों की शाम तक पहचान हो गई थी तो कई की शिनाख्त करने की प्रक्रिया चली हुई थी। कुछ घायलों को आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया गया था। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीडी शर्मा ने बताया कि कि दबे कई लोगों को निकाल दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा के जाछ और सुन्नी से एनडीआरएफ के जवानों की टुकड़ियों को मौके लिए रवाना कर दिया गया है। इसके अलावा सेना के जवान भी नूरपुर से स्पॉट के लिए पहुंच गए। शर्मा ने कहा कि मौके पर एनडीआरएफ के जवानों के अलावा
पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, स्थानीय प्रशिक्षित लोग बचाव कार्य में लगे हैं। करीब 400 लोग इस काम में जुटे हुए हैं। मृतकों के शवों को निकालने का काम चल रहा है। शर्मा ने कहा कि भूस्खलन के कारण दो बसें इस क्षेत्र में सड़क से नीचे 300 मीटर दूर तक मलबे के साथ दबते हुए चली गईं।