प्रदेश के जिला कुल्लू के सैंज में बिजली के पोल का मरम्मत कार्य करते हुए इलेक्ट्रिशियन की करंट लगने से मौत हो गई। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत से गुस्साए लोग धरने पर बैठ गए जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचे एनएचपीसी के अधिकारी के साथ ग्रामीणों ने खूब बहस की।
मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया। हालांकि बाद में एसडीएम बंजार एमआ भारद्वाज ने लोगों को शांत किया। जानकारी के अनुसार एनएचपीसी में बतौर इलेक्ट्रेशियन कार्यरत 27 वर्षीय मदन लाल पुत्र कुंज लाल निवासी रैला शलाह के पास रविवार सुबह करीब दस बजे बिजली लाइन की मरम्मत का काम कर रहा था।
इस दौरान अचानक करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शलाह में एकत्रित होकर युवक की मौत के लिए एनएचपीसी को जिम्मेदार ठहराया। वहीं ग्रामीणों ने मृतक युवक के शव को तब तक पोल से उतारने नहीं दिया जब तक उनकी मांगों को एनएचपीसी ने लिखित में नहीं दिया।
मांगों को लेकर अड़े ग्रामीणों से यहां घंटों तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर पहुंचे एनएचपीसी के मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता के साथ खूब गहमागहमी व धक्कामुक्की हुई। युवक की मौत के बाद सैंज के शलाह में बने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश की।
उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष लोगों की मांगों को माना और एनएचपीसी व ग्रामीणों के बीच समझौता करवाया जिसमें पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पांच लाख रुपये देने तीन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च
उठाने तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने पर लिखित समझौता करवाया गया। इसके बाद शव को बिजली के खंभे से नीचे उतारा व पोस्टमार्टम के लिए कुल्लू भेजा गया। इस संबंध में पुलिस ने केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि दोनों पक्षों में समझौता करवाया गया है।