उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने 452.60 करोड़ रुपये की 45 योजनाएं स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजी है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इन योजनाओं से कुल 976 अन्य योजनाओं को भी लाभ होगा। इससे भूमिगत जलस्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी जल शक्ति विभाग की राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों में साल के बारह महीने पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए आधुनिक तकनीक की मदद से एंटी फ्रीज योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन योजनाओं से शून्य से नीचे तापमान गिरने पर भी पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित हो पाएगी। इसके लिए कमेटी की ओर से 34.2 करोड़ रुपये की 4 पायलट स्कीमें बनाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रदेश में बाढ़ से पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान और इसकी बहाली को लेकर भी चर्चा हुई। जल जीवन मिशन के तहत बनी स्कीमों की मरम्मत और बहाली के लिए 150 करोड़ रुपये के फ्लैक्सी फंड की मांग की गई। प्रदेश में भीषण आपदा से जल जीवन के तहत बनी 559 स्कीमों को 512 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बैठक में सचिव जल शक्ति विभाग अमिताभ अवस्थी, जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता संजीव कौल सहित मुख्य अभियंता (योजना), मुख्य अभियंता एवं निदेशक राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन, हिमाचल प्रदेश, जल शक्ति विभाग के अन्य अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। भारत सरकार के प्रतिनिधि बैठक से ऑनलाइन जुड़े।