प्रदेश का सबसे बड़ा संकट चिट्टे और अन्य घातक नशों का: जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस समय प्रदेश का सबसे बड़ा संकट चिट्टे और अन्य घातक नशों का है। हजारों परिवार नशे की वजह से प्रभावित हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसका गंभीर खामियाजा भुगत रही है। ऐसे समय में सरकार का पूरा ध्यान नशे के खात्मे पर होना चाहिए, न कि लॉटरी जैसे सिस्टम को दोबारा शुरू करने पर। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए। लॉटरी शुरू करने से प्रदेश का भला होने के बजाय नुकसान होने की आशंका है। नेता विपक्ष ने लॉटरी व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे जबरदस्ती लागू करने और शुरू करवाने के पीछे प्रदेश हित के बजाय निजी हित साधने की मंशा दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी को यह काम दिया जा रहा है, उसके पीछे मुख्यमंत्री की मित्र मंडली काम कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच भाजपा सरकार बनने के बाद करवाई जाएगी।
शिमला महिला मंडल की बहनों ने बांधी राखी
शिमला महिला मोर्चा की बहनों ने वीरवार को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को राखी बांधकर रक्षाबंधन के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस स्नेह और आत्मीयता के लिए सभी बहनों का हृदय से आभार। जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के समस्त प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
5 लाख नौकरियों का वादा, अब हाथ में लॉटरी टिकट थमाने की तैयारी : अनुराग
प्रदेश में प्रस्तावित लॉटरी टेंडर को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए चिंताजनक कदम बताते हुए कहा कि सरकार रोजगार के अवसर देने के बजाय युवाओं को आसान पैसे और जुए की प्रवृत्ति की ओर आकर्षित करने वाली व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है। मीडिया को दिए बयान में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल के युवाओं को पांच लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। युवाओं को रोजगार, निवेश और सुरक्षित भविष्य की जरूरत है, लेकिन सरकार की प्राथमिकताएं इसके विपरीत दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार देने के बजाय युवाओं के हाथ में लॉटरी का टिकट थमाना प्रदेश के भविष्य के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे। कांग्रेस सरकार को अब उन वादों का हिसाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि पांच लाख नौकरियों का वादा पूरा करने की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में लॉटरी को लेकर पहले भी राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर व्यापक सहमति रही है। तत्कालीन धूमल और वीरभद्र सरकारों ने भी ऐसी व्यवस्था को आगे नहीं बढ़ने दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अलग-अलग विचारधाराओं की सरकारें सामाजिक हितों को प्राथमिकता देती रही हैं, तो वर्तमान सुक्खू सरकार लॉटरी व्यवस्था को फिर से लाने की कोशिश क्यों कर रही है।
सीएम सुक्खू बोले - लॉटरी व्यवस्था पर अनावश्यक भ्रम फैलाने का प्रयास न करें
प्रदेश में लॉटरी को लेकर विपक्ष और विभिन्न हलकों से उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि लॉटरी पूरी तरह भाग्य पर आधारित खेल है और किसी भी नागरिक पर इसे खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए ही आगे के कदम तय करेगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मीडिया से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि लॉटरी व्यवस्था पर अनावश्यक भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दोहराया कि लॉटरी में भाग लेना पूरी तरह से स्वैच्छिक है। शासन या प्रशासन की ओर से किसी भी वर्ग पर इसे खरीदने का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव नहीं बनाया जा रहा है। नागरिक अपनी समझ और इच्छा के अनुसार ही इसमें शामिल होने का निर्णय ले सकते हैं। लॉटरी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के दायरे में ही रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।