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हिमाचल: वैवाहिक विवादों में बिना सूचना लुकआउट सर्कुलर जारी करना जल्दबाजी, हाईकोर्ट ने किया रद्द

Sat, 20 Jun 2026 11:58 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने कहा कि केवल वैवाहिक विवाद के आधार पर बिना पूर्व सूचना और ठोस कारणों के किसी नागरिक के विदेश यात्रा के अधिकार पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विदेश में कार्यरत एक भारतीय वैज्ञानिक को राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) रद्द कर दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने कहा कि केवल वैवाहिक विवाद के आधार पर बिना पूर्व सूचना और ठोस कारणों के किसी नागरिक के विदेश यात्रा के अधिकार पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि लुकआउट सर्कुलर एक दंडात्मक और दबाव बनाने वाला उपाय है, जिसका उपयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए। जैसे कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा हो, गैर-जमानती वारंट के बावजूद अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित न हो रहा हो अथवा उसके देश छोड़कर फरार होने की आशंका हो।

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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता को एफआईआर दर्ज होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है। ऐसे में यह नहीं माना जा सकता कि वह जांच से बचने का प्रयास कर रहे थे। अदालत ने कहा कि जब मामला देश की सुरक्षा, संप्रभुता या किसी बड़े आर्थिक अपराध से संबंधित नहीं है, तब एलओसी जारी करने में जल्दबाजी उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए एलओसी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर संबंधित ट्रायल कोर्ट में पांच लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (एफडीआर) जमा करने का आदेश दिया। इसके अलावा दो-दो लाख रुपये की दो स्थानीय गारंटियां भी देनी होंगी। इन शर्तों की पूर्ति और ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के बाद उन्हें विदेश यात्रा की पूरी स्वतंत्रता होगी।

याचिकाकर्ता हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी हैं और न्यूजीलैंड में पीएचएफ साइंस में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें जून 2024 में न्यूजीलैंड का स्थायी निवासी वीजा मिला था। वर्ष 2018 में उनका विवाह ऊना जिले की एक महिला से हुआ था, लेकिन बाद में दोनों के बीच वैवाहिक विवाद उत्पन्न हो गया। पत्नी की शिकायत पर अगस्त 2024 में बद्दी थाना में वैवाहिक क्रूरता से संबंधित मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर उनके खिलाफ एलओसी जारी हुआ। फरवरी 2026 में भारत आने पर दिल्ली हवाई अड्डे पर उन्हें एलओसी के आधार पर रोका गया। इसके बाद उन्होंने जांच में सहयोग किया और बयान भी दर्ज कराया। बावजूद इसके एलओसी वापस नहीं ली गई थी, जिससे उनकी विदेश में नौकरी प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था।
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