नारकंडा गांव के सेब बागवान संतोष कैंथला का शिवम बड़ा बेटा था जो हिमस्खलन की चपेट में आने वाले नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स कर रहा था। हादसे के बाद जब परिवार को शिवम के लापता होने की सूचना मिली तो वह अगले दिन उत्तरकाशी पहुंच गए थे।
द्रौपदी डांडा-2 पर्वत चोटी पर गत मंगलवार को हुए हिमस्खलन हादसे में नारकंडा के स्की के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिवम कैंथला (27) की भी जान गई है। नारकंडा गांव के सेब बागवान संतोष कैंथला का शिवम बड़ा बेटा था जो हिमस्खलन की चपेट में आने वाले नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स कर रहा था। हादसे के बाद जब परिवार को शिवम के लापता होने की सूचना मिली तो वह अगले दिन उत्तरकाशी पहुंच गए थे। शुक्रवार को हर्षिल से उत्तरकाशी लाए गए चार में से दो शवों की शिनाख्त हो चुकी थी। जब शेष दो शवों की शिनाख्त हुई तो एक शव शिवम का निकला।
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बेटे की मौत से पिता संतोष कैंथला फूट-फूटकर रोने लगे। वह उस पल को कोस रहे थे, जब बेटे को कोर्स के लिए जाने की अनुमति दी थी। शिवम क्षेत्र के लिए युवा मॉडल थे, जिन्होंने देश-विदेश में स्कीइंग में लोहा मनवाया था। पिता को चमत्कार की उम्मीद थी कि उनके बेटे सहित दल के अन्य सदस्य सकुशल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बर्फबारी के दौरान शिवम यहां स्कीइंग के नए खिलाड़ियों को कोचिंग भी देता था। अब धोमड़ी की स्कीइंग ढलानों में शिवम की यादें ही रह जाएंगी। शिवम का छोटा भाई सत्यम भी स्कीइंग का खिलाड़ी है।