इस संकट के बीच खाद्य तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ खेल करने का मामला भी सामने आया है, जहां अधिकतर कंपनियों ने एक लीटर के पैकेट का वजन घटाकर 700 से 750 ग्राम कर दिया है। चावल की कीमतें फरवरी में 65 से 70 रुपये प्रतिकिलो थीं, जो अब 70 से 75 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गई हैं। बाजार में आटे की कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी देखी गई है।
फरवरी में जो आटा 35 से 38 रुपये प्रति किलो था, वह अब 38 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसके साथ ही मसालों के दाम भी पिछले तीन महीने में तेज हुए हैं। गरम मसाला फरवरी में 105 से 110 रुपये प्रति 100 ग्राम था, जो अब 110 से 115 रुपये प्रति 100 ग्राम पहुंच गया है। देगी मिर्च के दाम भी 100 से 105 रुपये के मुकाबले बढ़कर अब 120 से 125 रुपये प्रति 100 ग्राम हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय संकट और मालभाड़ा बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि हमारा प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर जमाखोरी न हो और आम जनता को सही दामों पर जरूरी सामान मिलता रहे।- सोमेश शर्मा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल