हिमाचल प्रदेश में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब नए उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रदूषण अनापत्ति प्रमाणपत्र (पॉल्यूशन एनओसी) अधिकतम एक महीने के भीतर उपलब्ध करवाया जाएगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर एनओसी जारी नहीं होने की स्थिति में आवेदन को स्वत: स्वीकृत माना जाएगा।
नई व्यवस्था में अधिकारियों को आवेदन पर बार-बार अलग-अलग आपत्तियां लगाने की अनुमति नहीं होगी। आवेदन की जांच के दौरान यदि कोई कमी या आपत्ति है तो संबंधित अधिकारी को एक ही बार में सभी आपत्तियां दर्ज करनी होंगी, ताकि उद्योग संचालक एक साथ सभी कमियां दूर कर सकें। इससे फाइलों के बार-बार लौटने और लंबी प्रक्रिया पर रोक लगेगी।
औद्योगिक विकास को गति मिलेगी
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कई उद्यमियों को विभिन्न विभागों से अनुमति लेने में महीनों का समय लग जाता था, जिससे निवेश प्रभावित होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सिंगल विंडो प्रणाली को और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। उद्योगों को समय पर आवश्यक स्वीकृतियां मिलने से नए निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।