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उद्योग विभाग ने इस जिले में खनन के लिए वन भूमि के पट्टे किए नीलाम

Sat, 18 Aug 2018 11:36 AM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश उद्योग विभाग ने कुल्लू जिले में खनन के लिए वन भूमि के पट्टे नीलाम कर दिए हैं। इन पट्टों के बाद से यहां पर रेत और पत्थर निकाला जा सकेगा। ये पट्टे जिला कुल्लू में ब्यास नदी के आसपास दिए गए हैं। राज्य सरकार ने इससे पहले कई अन्य जिलों में खनन के लिए भूमि पट्टे पर दे रखी है। कुल्लू जिले में स्टोन क्रशर लगाने की मंजूरी भी दी गई है।  

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प्रदेश सरकार ने जिला कुल्लू में वन भूमि पट्टे 2 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये प्रति वर्ष के  हिसाब से नीलाम किए हैं। कुल्लू के स्थानीय लोगों को 15  साल के लिए पट्टे दिए गए हैं। जिला कुल्लू के ब्यास के आसपास ये दस पट्टे स्थानीय लोगों को दिए हैं।

वन और पर्यावरण मंत्रालय से  पट्टाधारक को खुद मंजूरी लेनी होगी। विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरी के बाद पट्टाधारक को खनन करने की स्वीकृति दी जाएगी।  बताते चलें कि कूल्लू जिला में अवैध तौर पर पहले भी खनन होता रहा है। अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार ने पट्टे नीलाम करने का फैसला लिया है। 
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- प्रदेश के इन जिलों मे दिए गए हैं खनन के पट्टे 
वर्तमान में प्रदेश के अन्य जिलों  कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सिरमौर और मंडी में भी सरकार ने खनन के लिए पट्टे पर भूमि उपलब्ध कराई है। इन जिलों में स्थानीय लोगों की रेत और पत्थर की जरूरत के अनुसार आपूर्ति की जाती है।

- क्या कहते हैं राज्य ज्योलॉजिस्ट
राज्य ज्योलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार ने जिला कुल्लू में  ब्यास के आसपास वन भूमि में 10 पट्टे खनन के लिए दिए हैं। ये पट्टे 15 साल की अवधि के लिए हैं। भूमि की पट्टे नीलामी 2 करोड़ 16 लाख 45 हजार रुपये प्रति वर्ष में की गई है। खनन के लिए विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरी स्वयं पट्टाधारकों को लेनी होगी।    

- जिला शिमला में रामपुर और रोहड़ू में भी भूमि पट्टे पर नीलाम होगी
 जिला शिमला के दो स्थानों रामपुर के सतलुज और रोहड़ू के पब्बर नदी के आसपास  खनन के लिए नीलामी की तैयारी की जा रही है। इन दोनों स्थानों में भूमि पट्टे पर देने से पहले कमेटी की मंजूरी जरूरी है। यह कमेटी विभिन्न पहलुओं को देखते हुए वन भूमि पट्टे पर देने की सिफारिश करती है।

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