प्रदेश के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े टैक्स पेनल्टी के मामले में कैबिनेट स्तर पर फैसला लिया जाएगा। इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की ओर से सरकार के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में दाखिल याचिका खारिज हो गई है।
अब कंपनी ने कराधान आयुक्त के पास सुनवाई को अपील करने की तैयारी की है। सुनवाई शुरू करने से पहले कंपनी को सरकार के खाते में सवा सौ करोड़ रुपये जमा करवाने होंगे। इसके बाद ही आयुक्त स्तर पर किसी प्रकार की सुनवाई शुरू होगी।
दो माह पहले कराधान विभाग के अफसरों ने पांवटा साहिब के मिश्र गांव से इंडियन टेक्नोमेक नामक कंपनी में टैक्स चोरी पकड़ी थी। कंपनी पर 650 करोड़ रुपये टैक्स चोरी का आरोप है। कंपनी पर 1400 करोड़ ब्याज और पेनल्टी तय की गई है।
कुल मिलाकर कंपनी की ओर से 2150 करोड़ से अधिक की रकम सरकार को चुकता करनी है। मामले में कंपनी ने पहले हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ अपील की। यहां से राहत नहीं मिली। उसके बाद सुप्रीमकोर्ट में भी निराशा हाथ लगी।
अब कंपनी फिर से विभाग और सरकार से संपर्क कर रही है। मामले में आयुक्त कराधान के पास छह सितंबर को अपील की जानी है। कंपनी की ओर से बैरियर पर शो किया जा रहा था कि चार ट्रक माल भेजा जा रहा है।
लेकिन कागजात केवल दो ट्रक के बनाए जाते थे। कराधान अफसर जेसी चौहान ने मामले का खुलासा किया था। कंपनी हवाई जहाज और उद्योगों के लिए पार्ट्स बनाने का काम करती है।