कोर्ट ने सीबीआई को जांच में तेजी लाकर इसे पूरा करने और सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दाखिल करने के आदेश जारी किए थे। सीबीआई ने इस मामले में बुधवार को आठवीं स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की।
हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की धीमी सीबीआई जांच पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने आदेश दिए कि सीबीआई शपथ पत्र दायर कर बताए कि जांच पूरी करने में कितना समय लगेगा। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने अप्रैल में मामले की धीमी जांच पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने सीबीआई को जांच में तेजी लाकर इसे पूरा करने और सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दाखिल करने के आदेश जारी किए थे। सीबीआई ने इस मामले में बुधवार को आठवीं स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की। मुख्य न्यायाधीश एए सईद और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने याची श्याम लाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि तीन साल से चल रही जांच अभी तक भी पूरी नही हुई।
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कोर्ट ने सीबीआई को जांच पूरी करने में लगने वाले समय की जानकारी देने के आदेश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 19 सितंबर को निर्धारित की गई है। वहीं, सीबीआई ने पेश की गई रिपोर्ट में बताया कि अब तक की जांच में घोटाले में 1176 संस्थानों की संलिप्तता का पता चला है। 266 निजी संस्थानों में से 28 संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया गया है। सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 28 में से 15 संस्थानों की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और बाकी 13 संस्थानों के खिलाफ जांच जारी है। सात आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।