हिमाचल में सड़क हादसों पर सरकार की रिपोर्ट से हाईकोर्ट भी हैरान है। रिपोर्ट में कहा गया था कि नई सड़कें और उनकी देखरेख किसी अधिनियम के तहत नहीं आतीं।
बुधवार को प्रदेश भर में वाहन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर प्रदेश के मुख्य सचिव के अलावा परिवहन सचिव और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने अपना-अपना पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखा।
अदालत ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के पश्चात कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। सड़कों के रखरखाव का दायित्व सरकार का है, लेकिन अदालत ने आयुक्त परिवहन की रिपोर्ट के अवलोकन के पश्चात हैरानी जताई, जिसमें कहा गया था कि नई सड़कें और उनकी देखरेख किसी अधिनियम के तहत नहीं आतीं।