वन भूमि पर कब्जे कर सेब बगीचे लगाने वाले रसूखदारों पर कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट ने सरकार पर कड़ी नाराजगी दिखाई है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने वन महकमे के प्रधान सचिव को आदेश दिए कि दो सप्ताह में बड़े कब्जाधारकों पर कार्रवाई को अंजाम दिया जाए, क्योंकि अब कोई बहाना नहीं चलेगा।
खंडपीठ ने कहा कि कब्जाधारकों पर क्या कार्रवाई की गई, हल्फनामा देकर रोजाना इसकी रिपोर्ट भी कोर्ट को दी जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर 11 जुलाई तक कब्जाधारकों पर शिकंजा नहीं कसा गया तो वन और राजस्व विभाग के अधिकारी अवमानना जैसी कार्रवाई को भी तैयार रहें।