प्रदेश हाईकोर्ट ने संजौली के ढिंगूधार क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह इस क्षेत्र में अवैध पार्किंग न होने दे। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने गौरव शर्मा की याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए। हाईकोर्ट ने सरकार से छह सप्ताह में इस बाबत जवाब भी तलब किया है।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि संजौली बाजार से ढिंगू माता मंदिर को जाने वाली सड़क को कुछ लोगों ने पार्किंग जोन में तब्दील कर दिया है। इस कारण इस सड़क से आपातकालीन समय में जरूरी गाड़ियों को लाने व बाहर निकालने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रात्रि के समय यह समस्या विकराल हो जाती है।
लोग गाड़ियों को बेतरतीब ढंग से पार्क कर सड़क को पूर्ण रूप से बाधित कर देते हैं। प्रार्थी ने मांग की है कि अवैध पार्किंग करने वालों की गाड़ियां जब्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। सड़क के दोनों ओर पार्किंग को रोका जाए। मामले पर अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
प्रार्थी गौरव शर्मा ने अमर उजाला में बीस जून को प्रकाशित दो खबरों ‘व्यवस्था पर सवाल-सौ मीटर के दायरे में पांच जगह बस स्टाप’ और ‘छह माह के भीतर तीसरी बार खोद डाली सर्कुलर सड़क, लग रहा जाम’ को याचिका में शामिल किया है।