हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मनरेगा में लोकपाल के भत्ते अदा न करने पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने मामले की सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता डॉ. राकेश कपूर, सेवानिवृत कर्नल कृष्ण चंद, दुला राम हासटा और अंजला कुमारी ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की है। अदालत को बताया गया कि उन्होंने हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में बतौर मनरेगा लोकपाल का कार्य किया है। उन्हें मिलने वाला यात्रा, महंगाई और अन्य भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने सितंबर 2022 से मई 2023 तक के भत्तों को जारी करने की गुहार लगाई है। इस मामले में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव सहित मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार, मनरेगा के आयुक्त और प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।