हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। अदालत ने जोगेंद्र कुमार को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने शर्त लगाई है कि याचिकाकर्ता अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों से छेड़छाड़ नहीं करेगा और पुलिस जांच में शामिल होगा। बिना अदालत की अनुमति से वह भारत से बाहर नहीं जाएगा। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि लंबे समय तक अभियोग के विचारण न होने पर अभियुक्त जमानत का हक रखता है। मुकदमे का शीघ्र निपटारा किया जाना अभियुक्त का मौलिक अधिकार है।
अदालत ने पाया कि आरोपी 24 नवंबर 2022 से पुलिस हिरासत में है। पुलिस ने 17 मार्च 2023 को सक्षम अदालत में चालान पेश कर दिया है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि मामले पर विचारण करने के लिए अदालत को समय लगेगा। उस समय तक आरोपी को जेल में बंद नहीं रख सकते हैं। अदालत ने उसे सशर्त जमानत देते हुए यह निर्णय सुनाया। बिलासपुर निवासी जोगेंद्र कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 341, 323, 147, 149, 504, 506 और 201 के तहत कोट कहलूर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। दया राम की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।