हाईकोर्ट ने बंदरों को मारने की अनुमति के खिलाफ दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि ऐसा ही मामला सुप्रीमकोर्ट के समक्ष लंबित है। ऐसे में जो भी निर्णय सुप्रीमकोर्ट से आएगा, वही निर्णय इन याचिकाओं पर भी लागू होगा। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सभी याचिकाओं को बंद करने का आदेश पारित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट में बंदरों को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से वर्मिन घोषित करने की अधिसूचनाओं के खिलाफ कुछ पशु प्रेमी संगठनों और लोगों ने चुनौती दी थी। उनका कहना है कि इस समस्या से वैज्ञानिक तरीके से निपटा जाना चाहिए न कि अमानवीय ढंग से इन्हें मार डालना चाहिए।