इसके अलावा फंडिंग एजेंसी के समक्ष विचाराधीन पड़ी स्कीमों के प्रस्तावों की भी जानकारी न्यायालय के समक्ष रखने के आदेश जारी किए गए हैं। न्यायालय को बताया गया कि पूरे प्रदेश में शिमला को छोड़कर 53604 जिनमें से 34000 घरों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी दिए जाने का प्रावधान बनाया गया है।
जबकि 19500 घरों को कम पानी सप्लाई किया जाता है। शायद इन घरों को 20.25 प्रति लीटर के हिसाब से प्रतिदिन पानी मुहैया करवाया जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि 104 घरों को पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया करवाने के लिए कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है।