जवाब दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने लगाया 10 हजार रुपये का जुर्माना
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अदालत ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल न करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने कहा कि यह जुर्माना उन अधिकारियों के वेतन से वसूल किया जाए, जो जवाब दाखिल करने में देरी के लिए जिम्मेदार हैं और जुर्माना राशि याचिकाकर्ता को दी जाए। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। अदालत ने प्रतिवादियों के इस लापरवाह और उदासीन रवैये को देखते हुए एक अंतिम अवसर दिया, जिससे दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल कर सके। न्यायालय ने कहा कि प्रतिवादियों को बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है। 28 मार्च 2024 को कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए 6 सप्ताह का समय दिया था। इसके बाद जवाब दायर करने के लिए कई बार समय बढ़ाया गया, लेकिन नोटिस जारी होने के 1 साल और 5 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई जवाब दायर नहीं किया गया।