भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के भर्ती मामलों की जांच कर रही एसआईटी के लिए शुक्रवार का दिन बहुत शानदार रहा। प्रदेश उच्च न्यायालय ने पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी मामले के आरोपी आयोग के चपरासी किशोरी लाल की अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया। अब एसआईटी ने आरोपी की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया है। शिमला और आरोपी के घर पर एसआईटी ने दबिश दी, लेकिन अभी तक आरोपी एसआईटी की गिरफ्त में नहीं आ सका है।
माना जा रहा है कि आरोपी कहीं सुरक्षित जगह छिप गया है, दूसरी ओर जिला न्यायालय हमीरपुर ने भी तीन अलग-अलग मामलों में सुनवाई की। न्यायिक हिरासत में चल रहे चयन आयोग की गोपनीय शाखा की निलंबित वरिष्ठ सहायक एवं मुख्य आरोपी उमा आजाद के बड़े बेटे नितिन आजाद की हिरासत तबादले के लिए एसआईटी की अर्जी को स्वीकार करते हुए हमीरपुर न्यायालय ने पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर और पोस्ट कोड 1036 जूनियर ऑडिटर मामले में हिरासत की मंजूरी प्रदान कर दी।
न्यायिक हिरासत में चल रहे उमा आजाद के छोटे बेटे निखिल आजाद की हिरासत ट्रांसफर की अर्जी को स्वीकार करते हुए हमीरपुर न्यायालय ने पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक मामले में हिरासत को ट्रांसफर कर दिया। अब एसआईटी के जांच अधिकारी दोनों आरोपी भाइयों ने अलग-अलग मामले में पूछताछ कर सकेगी। उमा आजाद, निखिल आजाद, नितिन आजाद और संजीव कुमार के आवाज के सैंपल एकत्रित करने की याचिका पर न्यायालय में शुक्रवार को बहस की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
अब न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। हमीरपुर न्यायालय 4 अप्रैल को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा। उसके बाद ही तय होगा कि एसआईटी आरोपियों के आवाज के सैंपल ले सकेगी या नहीं। उधर, भंग हो चुके कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में दूसरे दिन भी ओएसडी अनुपम कुमार समेत कुल 19 कर्मचारियों ने एसआईटी की ओर से मांगे गए भर्ती के रिकॉर्ड को तैयार किया। उधर, ओएसडी अनुपम कुमार ने कहा कि 90 फीसदी रिकॉर्ड तैयार हो चुका है। शेष 10 फीसदी रिकॉर्ड भी जल्द ही एसआईटी को उपलब्ध करवा दिया जाएगा।