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कुल्लू के गुड़िया रेप कांड को हिमाचल पुलिस ने बना दिया तमाशा

Sat, 29 Jul 2017 01:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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गुड़िया प्रकरण की जांच के दौरान सवालों में घिरी हिमाचल पुलिस का एक और क्रूर चेहरा सामने आया है। कुल्लू की आठ वर्षीय गुड़िया की रेप के बाद हत्या मामले में तीन महीने गुजर जाने पर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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हद तो तब हो गई जब पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही जांच में सहयोग न करने की बात कहकर केस का तमाशा बना दिया। 

पुलिस का कहना है कि वह प्रयास कर रही है और आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे। हालात यह है कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद भी सही जांच करने के बजाय पुलिस पीड़ित परिवार पर ही सवाल उठा रही है।

दरअसल, 29 अप्रैल को भुंतर स्थित ट्रक यूनियन के समीप झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली 8 वर्षीय बच्ची लापता हो गई थी। परिजनों ने तलाश के बाद पुलिस थाना भुंतर में इसकी सूचना दी। शिकायत पर पुलिस टीम को उस दिन कोई सुराग नहीं मिला।
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पुलिस ने जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया

अगली सुबह पुलिस को फोन पर सूचना मिली कि पारला भुंतर में नदी किनारे एक बच्ची पड़ी हुई है। सूचना पर परिवार के साथ पहुंची पुलिस ने बच्ची की शिनाख्त कर ली। पुलिस ने भी आनन-फानन में घटनास्थल पर मौजूद सभी तथ्यों की जांच के बाद सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे।

बच्ची को देखने से स्पष्ट हो रहा था कि बच्ची से दुराचार कर उसकी निर्ममता हत्या की गई है। उसके सिर पर गहरे घाव थे। कुछ समय बाद पुलिस ने जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद अब हाईकोर्ट के संज्ञान लेने पर पुलिस सफाई देने में जुटी है।

पुलिस ने कहा है कि पूरी गंभीरता से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया लगता है कि उस स्थान में रह रहे प्रवासियों में से ही किसी ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। साथ ही उन्होंने मामले में बच्ची के माता-पिता और बहन से कोई सहयोग नहीं मिलने की बात कही है।
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पुलिस को प्रवासियों पर शक

कुल्लू में बच्ची की रेप के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने हाईकोर्ट में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। पुलिस ने कहा है कि पूरी गंभीरता से मामले की जांच की रही है। प्रथम दृष्टया लगता है कि उस स्थान में रह रहे प्रवासियों में से ही किसी ने इस घटना को अंजाम दिया होगा।

इस मामले में बच्ची के माता-पिता और बहन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। फिर भी पुलिस हर संभव प्रयास कर दोषियों की तलाश में जुटी है। मामले पर सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेकर सरकार से दो दिनों के भीतर जवाब तलब किया था।

घटना के अनुसार 29 अप्रैल को भुंतर स्थित ट्रक यूनियन के समीप झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली 8 वर्षीय बच्ची बाजार की ओर गई थी, लेकिन शाम ढलने तक भी नहीं लौटी। परिवार के लोगों ने बच्ची की तलाश हरसंभव स्थान पर की। जब कहीं कोई सुराग न मिला तो बच्ची के मां-बाप ने पुलिस थाना भुंतर में इसकी सूचना दी।

शिकायत मिलते के बाद पुलिस टीम बच्ची की तलाश में जुट गई। रात भर पुलिस को बच्ची के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया। अगली सुबह पुलिस को फोन के माध्यम से सूचना मिली कि पारला भुंतर में नदी के किनारे एक बच्ची पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

घटनास्थल पर मौजूद सभी तथ्यों की जांच के बाद बच्ची को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची को देखने से स्पष्ट हो रहा था कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया है और उसके बाद उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई है। बच्ची के सिर पर गहरे घाव किए गए थे।
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