हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने परवाणू-शिमला फोरलेन पर सनवारा के पास टोल प्लाजा पर हो रही टोल फीस वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिवक्ता अदीत सिंघल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए।
याचिकाकर्ता के अनुसार सनवारा टोल प्लाजा पर ली जा रही टोल फीस गैर कानूनी है, क्योंकि इस सड़क की हालत दयनीय है। यह सड़क यातायात के लिए ठीक नहीं है। टोल प्लाजा को परवाणू से शिमला तक फोरलेन पूरा होने पर स्थापित किया जाना था, लेकिन फोरलेन का कार्य अभी पहले चरण में चंबाघाट तक का ही पूरा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से सनवारा में स्थापित टोल प्लाजा पर 19 अप्रैल से टोल लेना शुरू किया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई अब दो जून को होगी।
42 दिन बाद फिर सस्ता होगा सफर
कालका-शिमला एनएच पांच के पहले टोल प्लाजा को फिलहाल हाईकोर्ट द्वारा आगामी आदेशों के लिए बंद कर दिया है। कोर्ट के आदेशों तक सनवारा टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन नहीं होगी। इसकेे चलते करीब 42 दिनों बाद एनएच पर सफर फिर सस्ता हो गया। हालांकि, आगामी दिनों में क्या होगा, इसका खुलासा अगली सुनवाई के बाद ही चल पाएगा।
कलेक्शन रोकने व इन आदेशों के बाद टोल पर असमंजस की स्थिति भी बनी रही और यहां तैनात कर्मी हैरान हो गए। इस दौरान मौके पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके शर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। हालांकि जब तक आदेश नहीं पहुंचे, तब तक वाहनों से टोल लिया गया, लेकिन लगभग पौने चार बजे टोल कलेक्शन बंद किया गया।
लोगों ने एनएचएआई पर किए सवाल
सनवारा टोल प्लाजा पर कलेक्शन के बाद लोगों ने कई प्रकार के सवाल एनएचएआई पर खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि एनएचएआई ने फोरलेन का कार्य पूरा न होने से पहले ही वसूली शुरू कर दी थी। टोल प्लाजा पर तैनात कर्मियों का रवैया भी ठीक नहीं है। वहीं, टोल पर एकतरफा जाने के ही अधिक चार्जिज लग जाते हैं, जबकि अन्य जगहों पर टोल कलेक्शन की पर्ची 12 से 24 घंटे तक चलती है। स्थानीय लोगों को भी आना-जाना मुश्किल हो गया है।