पिछली सुनवाई को अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि याचिकाकर्ता के मकान को नुकसान पहुंचता है तो अधिशाषी अभियंता मुआवजा और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होगा। याचिकाकर्ता शशिकांत ने आरोप लगाया है कि मंडी जिले की धर्मपुर तहसील के अंतर्गत आईटीआई बरोटी के भवन के लिए लापरवाही से डंगा दिया गया है। इस डंगे का निर्माण यूनीप्रो कंपनी ने लोक निर्माण विभाग की निगरानी में किया है।
अदालत को बताया गया कि 12 मार्च 2023 को स्थानीय ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया कि आईटीआई बरोटी भवन का डंगा लापरवाही से लगाया गया है। डंगा गिरने की स्थिति में याचिकाकर्ता के मकान को भारी नुकसान पहुंच सकता है। 10 अप्रैल 2023 को याचिकाकर्ता ने लोक निर्माण विभाग को आवेदन किया कि आईटीआई का डंगा गिरने की कगार पर है, इसके लिए उपचारात्मक कदम उठाने की तुरंत आवश्यकता है।
26 मई 2023 को राजस्व विभाग ने रिपोर्ट दी कि डंगा गिरने की स्थिति में है और इससे याचिकाकर्ता के मकान को खतरा है। आरोप लगाया गया है कि डंगे की सुरक्षा के लिए विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए और 24 जून 2023 को डंगा गिर गया। अदालत को बताया गया कि हालांकि आईटीआई और मकान के बीच सड़क है, लेकिन डंगे के मलबे से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है और धंसने वाली है। इससे याचिकाकर्ता के मकान को खतरा बना हुआ है।