हिमाचल हाईकोर्ट में सोमवार को अवैध भवनों को नियमित करने पर फैसला संभव है। हाईकोर्ट सोमवार दोपहर बाद इस मामले पर सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने सरकार को अपना पक्ष रखने के आदेश दिए थे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अफसर इसका खाका तैयार कर कोर्ट के समक्ष पेश करेंगे।
प्रदेश सरकार ने लोगों के अवैध भवनों को नियमित करने के लिए एक्ट में संशोधन किया था। इसके बाद इस एक्ट को विधानसभा में पेश कर मंजूरी दी गई। सरकार ने इस संशोधन एक्ट को मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा। करीब 5 महीने तक राज्यपाल ने इस एक्ट को रोककर रखा। भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर इस एक्ट को मंजूरी देने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने इसे अपनी स्वीकृति दी, जिसके कुछ ही दिन बाद नियमों के तहत बनाए गए भवन मालिक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पॉलिसी पर प्रतिबंध लगाया। हाईकोर्ट में इस मामले पर तीन बार सुनवाई हो चुकी है। अब 12 जून को हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई हो रही है।
11 हजार लोगों ने किया है भवन नियमित के लिए आवेदन
हिमाचल में 30 हजार अवैध भवन मालिक हैं। इन लोगों ने नियमानुसार भवनों का निर्माण नहीं किया है। इन लोगों ने रास्तों पर कब्जे कर दिए। बिना सेटबैक छोड़े निर्माण कर दिए। 11 हजार लोगों ने भवन नियमित कराने के लिए टीसीपी में आवेदन किया है।