फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल टावर: हाईकोर्ट ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर कंपनियों को जारी किया नोटिस

Tue, 29 Jun 2021 11:09 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायमूर्ति सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने बीएसएनएल को अति पिछड़े इलाकों में स्थित 191 टावरों में सोलर पैनल लगाने का रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया। 
विज्ञापन
प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में मोबाइल टावरों का निर्माण और उनका रखरखाव करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए। याचिका में विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को खराब इंटरनेट सेवाओं से संबंधित समस्याओं को उठाया गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में बुनियादी ढांचा प्रदाता कंपनियां भी आवश्यक पक्ष हैं, जिन्हें पार्टी नहीं बनाया गया है। इस पर कोर्ट ने इंडस टावर लिमिटेड मोहाली, अमेरिकन टावर कंपनी मोहाली और पंजाब एंड टावर विजन इंडिया मोहाली को प्रतिवादी पक्षकार बनाते हुए उन्हें नोटिस जारी किया। 

विज्ञापन


न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायमूर्ति सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने बीएसएनएल को अति पिछड़े इलाकों में स्थित 191 टावरों में सोलर पैनल लगाने का रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया। राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से कोर्ट को बताया गया कि लाइनों में मरम्मत के कारण बार-बार शट डाउन की समस्या का समाधान करने के लिए शीघ्र ही सब स्टेशन वितरण लाइनों का निर्माण किया जाएगा। एयरटेल सहित जिओ और बीएसएनएल ने कोर्ट को बताया कि केबल बिछाने की दरें प्रदेश में 1600 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से वसूली जा रही हैं, जो संभवत: देश में सबसे अधिक है। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को इस पहलू पर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश भी दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें