दवा निर्माता की ओर से बनाई जा रही फेराक्रिलम एपीआई और 1 प्रतिशत फेराक्रिलम जेल दवाओं के फार्मूले व संरचना पर उठाए जा रहे सवालों पर राज्य ड्रग कंट्रोलर को दो हफ्ते मेें कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बद्दी में दवा निर्माता की ओर से बनाई जा रही फेराक्रिलम एपीआई और 1 प्रतिशत फेराक्रिलम जेल दवाओं के फार्मूले व संरचना पर उठाए जा रहे सवालों पर राज्य ड्रग कंट्रोलर को दो हफ्ते मेें कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने यह आदेश याचिकाकर्ता थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड की ओर से विभाग को दी गई शिकायत पर कार्रवाई न करने पर दिए हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि बद्दी में कई फार्मा इकाइयों की ओर से नकली और घटिया दवाएं बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि इन दवाओं को निर्धारित फार्मूले और संरचना के अनुसार नहीं बनाया जा रहा है। इस वजह से जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डाला जा रहा है। विभाग से इसकी शिकायत बार-बार की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने अवलोकन करने पर पाया कि किसी भी दवा को बाजार में लाने से पहले उसका प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाता है। दवाओं के मानक की जांच के अलावा दवा की संरचना भी जांची जाती है। अदालत ने कहा कि शिकायत की सुनवाई करते समय याचिकाकर्ता और अन्य सभी हितधारकों को सुनवाई का समान अवसर प्रदान किया जाए। अदालत ने इस याचिका का निपटारा करते हुए उक्त आदेश जारी किए।