राजधानी शिमला में दोपहर एक से दो बजे के बीच एक घंटे में 33 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के चलते शिमला में रामचंद्रा चौक-रिच माउंट सड़क भूस्खलन के चलते बाधित हो गई है। मूसलाधार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। शिमला और साथ लगते मशोबरा क्षेत्र में कुछ जगह ओलावृष्टि भी हुई है। जून माह में पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में बारिश के चलते तापमान में हल्की गिरावट आ गई है। रोहतांग दर्रा में वीरवार शाम करीब चार बजे बर्फबारी शुरू हुई। वहीं, बारालाचा, कुंजम, शिंकुला, सीबी रेंज और धौलाधार की चोटियों पर भी हिमपात हुआ है।
कुल्लू-मनाली, बंजार, भुंतर और मणिकर्ण में जोरदार बारिश हुई। कांगड़ा जिले के पालमपुर और धर्मशाला में वीरवार शाम को अंधड़ चला। मक्की की बुआई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने बारिश से राहत की सांस ली है। हालांकि, ऊना जिले में वीरवार को दिनभर गर्म हवाओं का असर रहा। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। बढ़ते तापमान से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के अनुसार फसलों को सामान्य से अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ रही है और हर तीन दिन बाद खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।