कला शिक्षकों की भर्ती परीक्षा को रद्द नहीं करने की मांग लेकर शुक्रवार को सैकड़ों अभ्यर्थी शिमला पहुंचे। राज्य अतिथिगृह पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अभ्यर्थियों ने परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करने की गुहार लगाते हुए पेपर बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अभ्यर्थियों ने स्कूलों में 100 विद्यार्थियों के होने पर ही कला शिक्षकों की भर्ती किए जाने की शर्त का भी विरोध किया।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ के महासचिव विजय चौहान ने मुख्यमंत्री से कला अध्यापक के पदों की छंटनी परीक्षा का परिणाम शीघ्र घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग ने पोस्ट कोड 980 में कला शिक्षकों के 314 पद भरने की 24 मई 2022 को अधिसूचना जारी की थी। छंटनी परीक्षा के बाद 971 अभ्यर्थियों का 16 से 22 दिसंबर 2022 तक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए चयन किया गया लेकिन, अभी तक इसका परिणाम जारी नहीं हुआ है।
इसी बीच विजिलेंस ने कला शिक्षक भर्ती को लेकर भी मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अभ्यर्थियों ने कहा कि मामले की जांच कर पेपर को बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परीक्षा को रदद कर अन्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय ना किया जाए। उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों से इस परीक्षाओं की तैयारी में वो जुटे हैं। अब तो शिक्षक बनने के लिए तय अधिकतम आयु को भी कई पार गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला अभ्यर्थियों ने रूंधे स्वर में मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। महिलाओं ने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते बड़ी मुश्किलों के बीच उन्होंने परीक्षाएं दी हैं। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से सरकारी स्कूलों में कला शिक्षकों के रिक्त 1587 पदों को जल्द भरने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में शिक्षकों की अहम भूमिका है। सरकार इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक संजय रतन मौजूद रहे।