मुकेश ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व नादौन से विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में प्रश्न लगाकर यह जानकारी मांगी थी। बुधवार को सरकार की ओर से इस पर जवाब भी आना था लेकिन जवाब आने से पहले ही विधानसभा के शेड्यूल से इस सवाल को ही हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि साफ है कि सरकार अपने गलत निर्णयों को छिपाने के लिए विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का भी दुरुपयोग कर रही है। सरकार जिन नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की तैयारी में है उनमें विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल का एक, विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के दो, भाजपा
प्रवक्ता रणधीर शर्मा के दो, कृष्ण कुमार कौशल, सीएम के ओएसडी महेंद्र धर्माणी, बड़सर की शकुंतला देवी व बलदेव शर्मा, विधायक राकेश जम्वाल, सांसद राम स्वरूप शर्मा, विधायक विनोद कुमार, हीरा लाल, जिया लाल, पूर्व विधायक बीके
चौहान के दो, विधायक विक्रम जरयाल के दो, कुलदीप कुमार पठानिया का एक, वन मंत्री गोविंद ठाकुर के तीन, सुरेंद्र शौरी विधायक, राज कुमार डोगरा, विधायक बलबीर चौधरी के एक-एक मामले शामिल हैं।