प्रदेश सरकार 500 करोड़ का फिर लोन लेने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार की सिक्योरिटी को गिरवी रखा जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल प्रदेश में विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा। प्रदेश सरकार इस लोन को 2029 तक चुकाएगी।
वहीं केंद्र ने हिमाचल सरकार की ऋण लेने की सीमा पर कैंची चला दी है। इस वित्त वर्ष में प्रदेश के लिए 4900 करोड़ रुपये की लोन लेने की लिमिट निर्धारित की गई है। बीते वर्ष यह सीमा 5700 करोड़ थी। इस तरह इस वर्ष ऋण लेने की सीमा 800 करोड़ रुपये कम हो गई है।