इसमें लिखा है कि यह ध्यान में आया है कि प्रशासनिक विभाग पूंजीगत कार्यों को बिना पर्याप्त संसाधनों और बजट की उपलब्धता के प्रशासनिक स्वीकृति दे रहे हैं। अब वे वित्त वर्ष के मध्य में अतिरिक्त फंड की मांग कर रहे हैं, जिसका वार्षिक बजट में कोई प्रावधान नहीं था। इससे सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जहां आधारभूत ढांचे से जुड़े काम और सिविल कार्यों को वास्तविक जरूरतों से ज्यादा किया जा रहा है। विभागों को भेजे पत्र में साफ किया गया है कि पहली प्राथमिकता लंबित देनदारियां चुकाने को दी जाएगी, जो कि पूंजीगत कार्यों और खरीदारी से संबंधित हैं। नए पूंजीगत कार्यों और खरीददारी के लिए पहले उन पुराने मामलों को देखा जाना चाहिए। वित्त और योजना विभाग अतिरिक्त आवंटन कैपिटल हेड से संबंधित को बजट आवंटन से बाहर होने पर विचार नहीं करेंगे।
उपचुनाव : तीन सेक्टर में बांटा देहरा, विधायकों को जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को सचिवालय में वरिष्ठ मंत्री चंद्र कुमार के साथ देहरा उपचुनाव को लेकर चर्चा की। इस दौरान देहरा को तीन सेक्टर में बांटा गया। कांगड़ा के विधायकों को देहरा में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई। चंद्र कुमार ने आश्वस्त किया कि जब तक चुनाव नहीं हो जाते तब तक कांगड़ा जिले के सभी विधायक देहरा में ही डटे रहेंगे। उधर, सातवें वित्त आयोग के चेयरमैन एवं रामपुर के विधायक नंदलाल ने भी मुख्यमंत्री से भेंटकर कई मुद्दों पर चर्चा की। विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने भी सीएम से मुलाकात की।