अगर गाय का दूध पतला होगा तो इसमें अलग से फैट मिलाया जाएगा। मार्केट में बिकने वाले दूसरी कंपनियों के दूध की अपेक्षा मिल्कफेड गाय के दूध में 3.5 फैट रखेगा। गाय का दूध बच्चों और बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए लाभदायक होता है। सरकार का मानना है कि इस दूध को मार्केट में खूब पसंद किया जाएगा।
पहाड़ी गाय का दूध बेचने पर ही सरकार ने इसका नाम हिम गौरी दूध रखने का फैसला लिया है। पैकेट पर पहाड़ी गाय का फोटो भी होगा। मिल्क फेडरेशन के एमडी भूपेंद्र अत्री ने बताया कि हिम गैरी दूध को मार्केट में उतारने की तैयारी चल रही है। इसका शुभारंभ करने के लिए सीएम से समय मांगा गया है।
हिमाचल में 12 प्लांट है मिल्कफेड के
हिमाचल में मिल्कफेड के दूध के 12 प्लांट हैं। इनमें मंडी के चक्कर और रामपुर के दत्तनगर में बड़े प्लांट है, जबकि अन्य जिलों में छोटे प्लांट लगाए गए हैं।