प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना और मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना के तहत आवेदकों के लिए अधिकतम आयु सीमा को वर्तमान सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया है।
वीरवार को सरकार ने उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना और ग्रामीण विकास विभाग की मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है।
युवाओं को अपना रोजगार स्थापित करने के लिए बढ़ावा देने को सरकार ने साल 2018 में शुरू की गई इन योजनाओं में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में संशोधन करने की घोषणा की थी।
अधिसूचना के अनुसार अधिकतम परियोजना लागत को 40 लाख से बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया है। योजना के तहत क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड के तहत लिए जाने वाला शुल्क अब राज्य सरकार देगी।
योजना के तहत पूंजीगत निवेश की परिभाषा में मशीनरी के अलावा आवश्यक भवन और अन्य परिसंपत्तियों को भी शामिल किया गया है। ऋण पर पहले तीन साल तक प्रदेश सरकार पांच फीसदी की सब्सिडी भी देगी। योजना के तहत हिमाचली मूल के लोगों को ही यह लाभ दिए जाएंगे।