मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों एवं पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मचारी सरकार की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं और मांगों का उचित समाधान करना सरकार का दायित्व है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी अपने सामाजिक सरोकारों का बिना किसी बाधा के निर्वहन कर सकें, इसलिए प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही ओपीएस बहाल की गई। इससे प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश सरकार पेंशनरों की मांगों का समाधान सुनिश्चित कर रही है और उनकी विभिन्न देनदारियों की अदायगी भी समय-समय पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संसाधनों के सृजन के साथ वित्तीय अनुशासन भी सुनिश्चित कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में वित्तीय कुप्रबन्धन से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा और कर्मचारियों-पेंशनरों की देनदारियों की अदायगी भी समय पर नहीं हो पाई।
देय वित्तीय लाभ इसी वित्त वर्ष में देने का आश्वासन : आत्माराम
पेंशनर संयुक्त फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने बताया कि 17 दिसंबर को ऑल इंडिया पेंशनर डे का आयोजन घुमारवीं में किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री ने 2016 और 2022 के बीच के पेंशनरों के देय वित्तीय लाभ, 70 साल के ऊपर के पेंशनरों का 30 फीसदी लंबित राशि इसी वित्त वर्ष में देने का आश्वासन दिया है। अप्रैल तक पेंशनरों के लिए जेसीसी के गठन का भी वादा किया है। इसमें सीएम मांगें पूरी करने की घोषणा करेंगे।
घोषणाओं से नहीं, भुगतान से संतुष्ट होंगे पेंशनर्स : संदीपनी भारद्वाज
भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पेंशनरों से जुड़े हालिया बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से पेंशनरों को केवल झूठे आश्वासन दे रही है, जबकि हकीकत में भुगतान आज तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार यह घोषणा कर रहे हैं कि एक माह के भीतर सभी लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान होगा, जबकि तीन वर्षों से हजारों पेंशनर्स अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अगर सरकार वास्तव में संवेदनशील होती तो पेंशनर्स को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की नौबत नहीं आती। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि 28 नवंबर को धर्मशाला में पेंशनरों द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान निकाली गई आक्रोश रैली इस बात का साफ प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार पेंशनर्स की समस्याओं को लगातार अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि ओपीएस बहाली के नाम पर कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को गुमराह किया है। ओपीएस का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार आज अपने ही बनाए वित्तीय संकट के कारण बुनियादी देनदारियां तक समय पर देने में असफल साबित हो रही है।