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चुनावी वर्ष में बड़ी राहत: तीन लाख महिलाओं का बीमा प्रीमियम देगी हिमाचल सरकार

Tue, 29 Mar 2022 10:31 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं करीब तीन लाख महिलाओं के सामाजिक सुरक्षा बीमा का प्रीमियम अब सरकार देगी। पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रीमियम राशि 31 मई से पहले डाली जाएगी। प्रीमियम का पैसा महिलाएं अपनी जेब से दे रही थीं। 
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बीमा(प्रतीकात्मक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चुनावी वर्ष में हिमाचल प्रदेश सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं करीब तीन लाख महिलाओं के सामाजिक सुरक्षा बीमा का प्रीमियम अब सरकार देगी। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रति बीमा 12 रुपये जबकि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में सरकार 330 रुपये देगी। पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रीमियम राशि 31 मई से पहले डाली जाएगी। प्रीमियम का पैसा महिलाएं अपनी जेब से दे रही थीं। प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने यह जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि राज्य के सभी स्वयं सहायता समूह अब चार फीसदी ब्याज पर अधिकतम 20 लाख रुपये का कर्ज ले सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ शिमला, कांगड़ा, ऊना और मंडी जिले में थी। अब सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा और हमीरपुर जिले में भी यह सुविधा दी जाएगी। इन आठ जिलों के स्वयं सहायता समूहों को सात फीसदी ब्याज पर कर्ज दिया जाता था। प्रदेश सरकार ने अब इन्हें भी चार फीसदी ब्याज पर कर्ज देने का फैसला लिया है। इस प्रावधान के तहत तीन फीसदी ब्याज का भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। 

हिमाचल में सक्रिय हैं 35,000 स्वयं सहायता समूह
प्रदेश में 35,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। शिमला, कांगड़ा, ऊना और मंडी जिले में न्यूनतम पांच लोगों के समूह बनाने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। शेष आठ जिलों में न्यूनतम दस लोगों का समूह बनाने की अनुमति है। स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए समान आय वर्ग के लोग समूहों का गठन कर सकते हैं। स्वयं सहायता समूह फूड प्रोसेसिंग, कृषि व बुनकर आदि गतिविधियां करते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में वर्ष 2021-22 के लिए रखे गए 3000 ऋण प्रस्तावों के लक्ष्य के विपरीत 2900 प्रस्तावों को स्वीकृत करने की उपलब्धि प्राप्त कर ली है। बैंकों ने आश्वासन दिया कि वे 31 मार्च से पहले इस अंतराल को पूरा कर लेंगे। इस उपलब्धि के लिए मुख्य सचिव एवं निदेशक उद्योग विभाग ने बैंकों के योगदान की सराहना की। 

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