सदस्यों में सूबे के दो सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्रीय विवि के कुलपति, दो निजी विवि के कुलपति, सरकार के सचिव (वित्त) या उनका कोई प्रतिनिधि, जो संयुक्त सचिव के पद से नीचे का न हो, सचिव (तकनीकी शिक्षा) या उनका कोई प्रतिनिधि, जो संयुक्त सचिव पद से नीचे का न हो, निदेशक उच्च शिक्षा इसके सदस्य होंगे।
परिषद में गैर सरकारी सदस्य भी होंगे। इसमें कला, विज्ञान, सिविल सोसायटी, प्रौद्योगिकी या कौशल विकास के क्षेत्र से पांच सदस्य, उद्योग से दो विशेषज्ञ, तीन महाविद्यालयों के प्राचार्य, मानव संसाधन मंत्रालय से एक सदस्य और उच्चतर शिक्षा योजना बनाने में अनुभव रखने वाले व्यक्ति को गैर सरकारी सदस्य नियुक्ति किया जाएगा। परिषद का मुख्यालय शिमला में होगा।
पांच साल होगा अध्यक्ष का कार्यकाल
परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी। अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष रहेगा। अगर अध्यक्ष का आचरण और कार्य संतोषजनक नहीं रहता है तो सरकार पांच साल से पहले भी अध्यक्ष को हटा सकती है।
छह महीने में एक बैठक करना अनिवार्य
परिषद की छह महीने में कम से कम एक बैठक होना अनिवार्य किया है। बैठक के कोरम के लिए अध्यक्ष व सदस्य सचिव के अलावा दो तिहाई सदस्यों को होना जरूरी है।