यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को धनराशि दान करने वालों को आयकर में छूट भी दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस पोर्टल को अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती योजना से जोड़ने का फैसला लिया है। ऐसे में सरकारी स्कूलों से पढ़कर सरकारी और निजी क्षेत्रों में अच्छे पदों पर नियुक्त लोगों को इस पोर्टल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई लोग सरकारी स्कूलों को दान देने के इच्छुक होते हैं, लेकिन सही प्लेटफार्म और पारदर्शी विकल्प नहीं मिलने के चलते दान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में विभाग ने अब पोर्टल तैयार करने का फैसला लिया है।