प्रदेश के प्रधान सचिव ऊर्जा प्रबोध सक्सेना बैठक में शामिल हुए थे। हिमाचल ने 7.19 फीसदी हिस्सेदारी के साथ बीबीएमबी से बकाया एरियर का पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट देने से पहले कमेटी की दोबारा से बैठक होनी है। इसी कड़ी में हिमाचल कैबिनेट में इस पर चर्चा होने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के पक्ष में दिया फैसला
हिमाचल सरकार ने अपना हिस्सा लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी है। सुप्रीमकोर्ट से फैसला हिमाचल के पक्ष में आया। उस समय पंजाब पर बकाया 4200 बनता था, लेकिन दोनों राज्यों के बीच सहमति बनीं कि हिमाचल को पंजाब 2900 करोड़ देगा।
बीबीएमबी मामले में पंजाब सरकार बिजली और हरियाणा सरकार पैसा देने को राजी है। दोनों राज्यों से कैसे बकाया लेना है, इस पर कुछ प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। आठ अगस्त की कैबिनेट में प्रस्ताव ले जाया जाएगा। - प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ऊर्जा हिमाचल सरकार